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महाराष्ट्र में बारिश का कहर, कई इलाके हुए जममग्न; बाढ़ जैसे हालात

मुंबई। Maharashtra Floods मायानगरी मुंबई में लगातार हो रही मानसून की बारिश से लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है, नौकरी पेशा लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को काफी मुश्किलें हो रही हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की सहायता कर रही हैं

पुणे संभाग के सभी पांच जिलों- सोलापुर, सांगली, सतारा, कोल्हापुर और पुणे से 28,397 परिवारों के कुल 132, 360 लोगों को निकाला गया है। सांगली में वर्षा रिकॉर्ड की गई - 213%, सतारा - 173%, पुणे - 166%, कोल्हापुर-116%,  सोलापुर - 78%

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें बाढ़ प्रभावित सांगली इलाके में भी बचाव अभियान जारी रखते हुए लोगों की मदद कर रहे हैं। 

विशेष सेवा ट्रेन चलाई जाएगी 

महाराष्ट्र में मिरज और कराड के बीच आज से तीन दिनों तक विशेष सेवा ट्रेन चलाई जाएगी। कराड, सांगली, मिरज, और पंढरपुर में भारी बारिश और जल भराव के कारण सड़क यातायात बाधित हो गया है। मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने इसकी जानकारी दी है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें बाढ़ प्रभावित सतारा जिले में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

गौरतलब है कि शनिवार से जारी भारी बारिश के चलते रविवार को जब मुंबईकरों की नींद खुली तो महानगर का अधिकतर निचला इलाका बाढ़ की चपेट में नजर आया। यही हाल ठाणे, पालघर, कल्याण, नासिक, रायगढ़ और पुणे का था। मुंबई में औसत 150 मिलीमीटर तो ठाणे-पालघर में 200 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। पटरियों पर पानी भरने से लोकल के साथ ही मेन ट्रेन सेवा बाधित हुई है। वांगनी, जहां कुछ दिनों पहले महालक्ष्मी एक्सप्रेस रात भर अटकी रही थी, उसी स्थान पर मध्य रेल की पटरियों के नीचे की मिट्टी बह गई है। छह ट्रेनों को रद करना पड़ा है और कुछ के मार्ग में बदलाव किया गया है। 

नासिक के त्रयंबकेश्वर मंदिर में पानी भर गया है। मुंबई में मीठी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उसके किनारे रह रहे 400 लोग फंस गए थे। एनडीआरएफ की मदद से इन सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। ठाणे के खडावली क्षेत्र में जुहूगांव-नंदखुरी गांव में करीब 38 लोग अपने घरों में करीब पांच फुट ऊंचाई तक पानी भर जाने के कारण फंसे हुए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के अनुरोध पर वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर ने इन सभी लोगों को सुरक्षित निकाला। पुणे में भी खड़गवासला बांध से छोड़े गए पानी के कारण पैदा हुई बाढ़ से बचाने के लिए करीब 500 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

Hind Brigade

Editor- Majid Siddique